" क्यों ना फिर चलें प्रेमचंद- शरतचंद्र की ओर...!!! "
Friday, 9 January 2015
एलियंस की खूशफ़हमी से ज़्यादा...
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भारतीय गणतंत्र दिवस 2013 के शुभ-अवसर पे दिए गये अपने संतोषप्रद भाषण के बाद.. ज्यों पलटा तो मेरी नज़रें ठंड में ठिठुरते बगल के गाँव के उन ...
Tuesday, 4 November 2014
गुरुत्वाकर्षण में ब्रम्ह का दिख जाना...
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कुछ दिनो पहले की ही बात है.. समाचार पत्र के माध्यम से जान पड़ा की हिन्दी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार श्री गोविंद मिश्र जी को उनकी क...
Sunday, 28 September 2014
" बीते कल को भी थोड़ी... श्रधांजलि... !!! "
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जब मानव अपने जीवन के संघर्ष को लिए सफलता के शिखर को छूने का प्रयत्न करता है, तो हमेशा उसकी आत्मशक्ति ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का ...
Tuesday, 23 September 2014
" दुर्गाशक्ति, दशहरा, दशानन... इति विश्वरूपम...!!! "
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मौसम ने फिर दश्तक दे दी है| नयी शक्ति लिए माँ जग को जगा रही है| हम अंधेरे में ही जागने की कोशिश कर रहे है| पौ फटने के पहले फूलों को बटोर ...
Thursday, 24 July 2014
विद्यादान एक्सप्रेस: बक्सर का तीसरा युद्ध और सिद्धाश्रम की सुध..!!!
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कुछ दिन हुए बिहार बक्सर जिले के बक्सर पटना रुट के टूडीगंज रेलवे स्टेशन पे खड़ा था। दोपहर के लगभग ढाई बज रहे होंगे.. की तभी रेलवे ...
Saturday, 12 July 2014
झाल-मूरी इंडिया....
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दिनभर की दैनिक प्रक्रियाओं और थकान के बाद.. मिजाजी तबीयत को भी दुरुस्त रखना ज़रूरी होता है.. तो अपने तबीयत के इस सूखेपन को हरा करने निकल प...
Saturday, 5 July 2014
सफ़र का नया साथी....वागर्थ
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उम्र के साथ आपकी प्रवृतियों के भी रूप बदलने से लगते हैं.. हमेशा की तरह.. इस बार पूर्णियाँ आर एन साव चौक वाले बुक स्टॉल के सामने था.. फ...
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